शेखपुरा। इन दिनों शेखपुरा के मेहुस गांव दबंग लेडी का कहर जारी है। आये दिन किसी न किसी पर अपनी वर्चस्व जमाने के लिए उसे तंग-तबाह करती रहती है। यदि कोई विरोध करता है उसे अपनी सरकारी सेवा का धौस जमाते हुए रेप केस में फंसा देने की धमकी देती है। इस बार उसकी निशाना एक राइस मिल का संचालक बना है और उसे तंग-तबाह करने को लेकर कोई कसर नही छोड़ रही है। दबंग लेडी से त्रस्त राइस संचालक ने डीएम से गुहार लगाया है।दरअसल राइस मिल संचालक से रुपया ऐठने के लिए दबंग लेडी ने उस पर झूठ-मुठ मेहुस गांव में स्थित दानी राइस मिल के संचालक शंकर दानी ने दिए आवेदन में दबंग लेडी की आतंक से बचाने के लिए डीएम से गुहार लगाया है। इस बाबत शंकर दानी सिंह ने बताया कि दबंग लेडी बेबी कुमारी का घर मेहुस स्थित उसके राइस मिल के पास है तथा बरबीघा के काजीफतुहचक गांव के स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित है। तीन माह पूर्व अपनी सरकारी सेवा की धौस जमाते हुए 10 हज़ार रुपये प्रति माह का डिमांड किया। जब राइस मिल संचालक ने असमर्थता जतायी तब उसने झूठे केस में फंसा देने की धमकी दिया। उसके बाद दबंग लेडी ने राइस मिल संचालक को तबाह कर...
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा में स्मार्ट कार्ड के सहारे गर्भाशय निकाले जाने का मामला के बाद अब बेबजह एपेनडिस्क निकाले जाने का मामला भी शेखपुरा जिले में गूंजने लगा है .बताया जा रहा है कि बी.पी.एल.स्मार्ट कार्ड कि राशी हडपने कि नियत से बिभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना वाले अस्पतालों के द्वारा झूठे आकडे पेश कर राशी निकल ली गयी .इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शेखपुरा के जिलाधिकारी ने चार डाक्टरों कि एक टीम बनाकर जाँच करने के निर्देश दिया है .जिलाधिकारी ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि एक साल के अन्दर शेखपुरा जिले के बिभिन्न निजी क्लीनिको में लगभग तेरह सौ महिलाओ के गर्भाशय के ओपरेशन कि सुचना मिली है .जबकि शेखपुरा के सदर अस्पताल में भी स्मार्ट कार्ड तथा नि:शुल्क ओपरेशन कि सुबिधा है .वहां गर्भाशय ओपरेशन के मरीज नहीं आ रहे है .जिलाधिकारी ने जाँच दल को सख्त निर्देश दिया है कि वह उन व्यक्तियों के दुबारा जाँच करे. जिनके गर्भाशय का ओपरेशन हुआ है और गलत आकडा मिलने पर उसके खिलाफ सख्त करवाई कि जाएगी .
च न्दन कुमार/शेखपुरा। सिक्का बंद होने की अफवाह मामले में बैंक की भूमिका अहम मानी जा रही है। जिसका मुख्य वजह बैंक का सिक्का नही लेना। हालाँकि राशी निकालने के दौरान बैंक ग्राहकों को 40 प्रतिशत सिक्का ही देते थे ,लेकिन वापस जमा नही लेते थे। जिसके कारण लोगो में सिक्का बंद होने की अफवाह फ़ैल गयी है। जिसके कारण अक्सर दुकानदार एवं ग्राहकों के बीच बकझक की स्थिति उत्पन्न होना शुरू हो गया था। इस घटना के बाद बैंको की मनमानी को लेकर व्यवसाइयों में भी खासा रोष भी दिखने लगा है। लेकिन मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी राजेंद्र कुमार भील ने होनेवाले अनहोनी घटना को टाल दिया अन्यथा लोगो का आक्रोश कभी भी बैंक पर फुट सकता था। एसपी ने पत्रकारों को बताया की यदि सरकार द्वारा जारी मुद्रा (सिक्का) को कोई दुकानदार अथवा बैंक लेने से इनकार करता है तो उसपर राष्ट्रद्रोह के तहत मुकदमा दर्ज किया जायेगा। उन्होंने आगे कहा की ऐसे कई बैंक को चिन्हित किया गया जो अफवाह को तूल दिया है शिकायत आने पर वैसे बैंक के विरुद्ध करवाई की जाएगी। हालंकि इस मामले में कोई शिकायत अभी तक नहीं आया है। चाय बिक्रेता गोरे कुमार ...
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